हिंदी गीत माला. आप मानें या न मानें पर ये ऐसे गीत हैं जो लिखे नहीं गए वल्कि लिख गए. बदली बन कर आए और बरस गए और वो सब कुछ कह गए जो हर कोई कहना चाहता है पर कह नहीं पाता. बस.
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Monday, 26 January 2015
विचार
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Monday, 1 July 2013
पानी (पानी ने विसार दी अपने वैभव की कहानी)
पानी
एक सागर
सागर में गागर
गागर में पानी
पानी ने विसार दी
अपने वैभव की कहानी
हो गया गागर
खो गया सागर
गागर के रंग रंगा पानी का रंग
गागर का अंग बना पानी का अंग
गागर का नाम हुआ पानी का नाम
गागर का काम हुआ पानी का काम
गागर की श्रेष्ठता
या फिर औकात
पानी का बनी धर्म
रूप, रंग, जात
दोनों मिल एक बने
एक से अनेक बने
कुनवें कबीले बने
गड्ढे और टीले बने
पेड़ में पात हुए
और मुक्के-लात हुए
एक अंधा बन्दर
गागर के अन्दर
मचाए उत्पात
और हुई शुरूआत
रोने और हँसने की
मायाजाल रचने की
और उसमें फसने की
कीचड़ बनाने की
कीचड़ में धंसने की
अहंकार पांव फैलाने लगा
कर्ता और भोक्ता बन गाने लगा
तू-तू और मैं-मैं में रार हुई
द्वंदों की रार ही संसार हुई
और तब एक दिन
गागर टिघल गई
सपने निगल गई
गागर का अस्तित्व
आरोपित व्यक्तित्व
सब का सब खो गया
अन्दर का पानी भी
सागर में मिल कर
फिर सागर हो गया
यदुराज सिंह बैस
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